राजस्थान बजट 2025-26: मुफ्त बिजली, 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे और मनरेगा पर बड़े ऐलान
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने आम जनता को राहत देने वाला बड़ा फैसला का ऐलान किया है. उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि हर महीने 150 यूनिट फ्री बिजली दी जाएगी. पहले सिर्फ 100 यूनिट फ्री बिजली मिलती थी, लेकिन अब इसे 50 यूनिट से बढ़ा दिया गया है.
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करते हुए राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. ‘विकसित राजस्थान’ पर जोर देते हुए एक ऐतिहासिक पहल के तहत इस वर्ष के बजट को राज्य सरकार ने ‘ग्रीन थीम बजट’ बताया है.
राज्य वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “2750 किलोमीटर के 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जाएगा. इन पर 60 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी. 21 हजार किलोमीटर नॉन बैचेबल सड़कों की मरम्मत के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रवाधान किया गया है. हर विधानसभा में 10-10 करोड़ रुपये की राशि से नॉन पैचेबल सड़कों के कार्य करवाए जाने की घोषणा करती हूं. मरूस्थलीय क्षेत्र में यह राशि 15-15 करोड़ रुपये होगी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1600 बसावटों को 2 साल में डामर सड़कों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है. 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में सीमेंटेड अटल पथ का निर्माण कराया जाएगा. 500 करोड़ की लागत से 250 गांवों के काम हाथ में लिए जाएंगे. प्रदेश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए 15 शहरों में रिंग रोड बनाए जाएंगे. जयपुर में ट्रैफिक सुधार के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. जयपुर में जगतपुरा वैशालीनगर में मेट्रो के विस्तार के लिए डीपीआर का निर्माण किया जाएगा.”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान रोडवेज में 500 नई रोडवेज बसें जीसीसी मॉडल पर उपलब्ध कराई जाएंगीं, साथ ही शहरी क्षेत्रों के लिये 500 बसें राजकीय शहरी ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगीं. वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लाई जाएगी.
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने आम जनता को राहत देने वाला बड़ा फैसला का ऐलान किया है. उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि हर महीने 150 यूनिट फ्री बिजली दी जाएगी. पहले सिर्फ 100 यूनिट फ्री बिजली मिलती थी, लेकिन अब इसे 50 यूनिट से बढ़ा दिया गया है.
इस बजट में प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में सरप्लस 6400 मेगावॉट अतिरिक्त उत्पादन की घोषणा की गई है. वित्त मंत्री दिया कुमारी ने 50 हजार कृषि और 5 लाख घरेलू कनेक्शन की भी घोषणा इस बजट में की है.
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा, “शहरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी की घोषणा करती हूं, इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से 5830 करोड़ रुपये की लागत से काम किए जाएंगे. गर्मियों में पेयजल की दिक्कत ना हो इसके लिए 1000 ट्यूबवेल 1500 हैंडपंप की घोषणा करती हूं.”
राम जल सेतु लिंक परियोजना को धरातल पर लाया गया है. ‘पंचगौरव योजना’ के अंतर्गत 550 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बजट में किया गया है.
स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे बूंदी, नाथद्वारा, खाटूश्यामजी, माउंट आबू, भीलवाड़ा, बालोतरा, भरतपुर, बीकानेर, सवाई माधोपुर, अलवर, जोधपुर, जैसलमेर, मंडावा, किशनगढ़, भिवाड़ी और पुष्कर को ‘क्लीन एंड ग्रीन ईको सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए 900 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है.
दिल्ली-जयपुर, जयपुर-आगरा और जयपुर-कोटा हाईवे पर सड़क सुधार कर 'Zero Accident Zones' का निर्माण किया जाएगा. 20 ट्रॉमा सेंटर्स का PPP मोड में सुदृढ़ीकरण हेतु ₹50 करोड़ का प्रावधान किए जाने की घोषणा भी बजट में की गई है.
इस बजट में पार्किंग, रिनोवेशन, रेजीडेंशियल फ्लैट, बस स्टैंड आदि के विस्तार एवं विकास के लिये 780 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 7 वर्षो की अवधि की पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना के लिये 12050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रदेश के समस्त शहरों में 50 हज़ार स्ट्रीट लाइट लगाये जाएंगे. 500 पिंक टॉयलेट्स के निर्माण हेतु 175 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 30 नगर परिषदों में Mechanised Transfer Stations की स्थापना की जाएगी.
ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 3400 लाख मानव दिवसों का सृजन किया जाएगा. स्वामित्व योजना के तहत सभी गांवों का ड्रोन सर्वे करके 2 लाख परिवारों को नए पट्टे दिए जाएंगे.