राजस्थान बजट 2025-26: कारोबारी दिग्गजों, अर्थशास्त्रियों और स्टार्टअप फाउंडर को बजट से क्या उम्मीदें?
राजस्थान सरकार द्वारा बजट पूर्व परामर्श प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि सरकार समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर है. स्टार्टअप फाउंडर, उद्यमी, और कारोबारी आशान्वित हैं कि उनकी अपेक्षाएँ बजट में सम्मिलित होंगी, जिससे राजस्थान का आर्थिक परिदृश्य और मजबूत होगा.
राजस्थान सरकार ने आगामी बजट 2025-26 के लिए अपनी खास पहल के तहत आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए. इस पहल की सराहना करते हुए राज्य के स्टार्टअप फाउंडर, ऑन्त्रप्रेन्योर, और कारोबारी दिग्गजों, अर्थशास्त्रियों ने बजट को लेकर अपनी महत्वपूर्ण उम्मीदें बताईं. राज्य सरकार का उद्देश्य ‘विकसित राजस्थान’ के लिए ग्रीन बजट और सस्टेनेबिलिटी की दिशा में नीतियाँ बनाना है, जिसमें इन वर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. पिछले वर्ष में सरकार द्वारा की गई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों की घोषणा ने न सिर्फ आर्थिक विकास बल्कि रोजगार सृजन, कृषि सुधार, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना को बल दिया है.
राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गजों ने सरकार से वित्तीय सहायता बढ़ाने और अनुकूल नीतियाँ लागू करने की अपेक्षा जताई है. विशेष रूप से, उद्यमियों ने स्टार्टअप्स के लिए कर प्रोत्साहन, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण, और नवाचार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया है.
वहीं, राज्य के कारोबारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विकास, लॉजिस्टिक्स में सुधार, और व्यापार को सुगम बनाने वाली नीतियों की माँग की है. वे चाहते हैं कि सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना करे, जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ें.
उद्यमियों ने युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया है. इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. महिला उद्यमियों ने सरकार से अपेक्षा की है कि वे उनके लिए विशेष वित्तीय योजनाएँ और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करें, जिससे वे अपने कारोबार को सफलतापूर्वक संचालित कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.
YourStory की फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा से बात करते हुए, Maska के फाउंडर चिदात्मन जैन ने कहा, “राज्य में फूड-एग्री टेक पार्क्स की कमी है. सरकार को ऐसे पार्क बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि फूड-एग्री प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट किया जा सके, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में तगड़ी वृद्धि होगी.”
राज्य बजट 2025-26 के लिए अपने सुझाव बताते हुए, AU Small Finance Bank के फाउंडर और सीईओ संजय अग्रवाल कहते हैं, “राजस्थान में रिसॉर्सेज की भरमार है. देश की जीडीपी में राजस्थान करीब 4% योगदान करता है, इसे 6-10% तक बढ़ाने के लिए सरकार को कड़े प्रयास करते हुए नीतियां बनानी चाहिए. राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. इसे और बढ़ाने के लिए प्राइवेट संस्थाओं के साथ भागीदारी की जा सकती है, बजट में सरकार को इसके लिए प्रावधान करने चाहिए. राज्य में औद्योगिकरण को बढ़ावा देते हुए SMEs, MSMEs के समर्थन के लिए काम किया जाना चाहिए. ‘राजस्थान इन्वेस्टमेंट पॉलिसी’ में सरकार ने लगातार सुधार किए हैं, जोकि बेहद सराहनीय है. इस पॉलिसी के बारे में जागरुकता फैलानी चाहिए. लोगों को रोजगार मुहैया कराए जाने चाहिए.”

कनाडा में पूर्व उच्चायुक्त रह चुके विकास स्वरूप बताते हैं, “जैसा कि राजस्थान, देश में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है, और यहां जलवायु परिवर्तन की बड़ी समस्या है. राज्य सरकार को इसे बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए. बजट में इसके लिए खास प्रावधान करने की जरुरत है. इस बजट में सरकार ग्रीन बजट और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस कर रही है, ये बेहद सराहनीय है.”
सज्जन सिंह यादव, एडिशनल सेक्रेटरी, भारत सरकार, कहते हैं, “मैं राज्य सरकार की इस खास पहल की सराहना करता हूं. ग्रीन बजट अच्छी बात है. राजस्थान में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं. राज्य में क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए. हाइड्रोजन मिशन के जरिए ग्रीन एनर्जी बनाई जा सकती है. राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन, सब्सिडी देने वाली नीतियां बनाई जानी चाहिए.”
एम एल कुमावत, आईपीएस (सेवानिवृत्त), राज्य बजट 2025-26 के लिए अपने सुझाव बताते हुए, कहते हैं, “शिक्षा क्षेत्र में सुधार करने के लिए शिक्षकों की अधिक भर्ती होनी चाहिए. वर्ल्ड क्लास कॉलेज, यूनिवर्सिटीज बनाने पर फोकस किया जाना चाहिए.”
डॉ. प्रभू, डिप्टी सेक्रेटरी (सेवानिवृत्त), राजस्थान सरकार, कहते हैं, “मेरी राज्य सरकार से उम्मीद है कि बजट में मध्यम आय वर्ग के लोगों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स में छूट दी जाए.”
Kapxha Dynamics के फाउंडर नीतिमान माथुर बताते हैं, “पिछले बजट में भी राज्य सरकार ने iStart प्रोग्राम के जरिए स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की और उन्हें लागू भी किया है. रोजगार मुहैया कराने के लिए, टेक्नोलॉजी पर फोकस किया है, जैसे - AVGC-XR Policy (Animation Visual Effects, Gaming, ComicsExtended Reality Policy) पॉलिसी लागू करना.”
Sizifi के फाउंडर और सीईओ जितेंद्र सिंह बताते हैं, “राज्य सरकार iStart प्रोग्राम के जरिए ऑन्त्रप्रेन्योरशिप की अलख जगा रही है. इस प्रोग्राम के तहत हमारे स्टार्टअप को भी फंडिंग भी मिली है. अब सरकार को IoT (Internet of Things), इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक, डीप टेक जैसे सेक्टर्स पर फोकस करना चाहिए. इन सेक्टर्स के लिए बजट में अधिक फंड्स आवंटित किए जाने चाहिए.”
KoochiOrganics के को-फाउंडर बिस्मान सिंह बताते हैं, “कार्बन और प्लास्टिक को कम किया जा सके, सरकार को इस दिशा में कड़े कदम उठाने चाहिए. बजट में इसको लेकर खास प्रावधान होने चाहिए. इसके प्रति जागरुकता फैलाने की आवश्यकता है.”
Dooper Health के फाउंडर प्राचीर बेरीवाल बताते हैं, “राज्य सरकार के iStart प्रोग्राम के जरिए यहां स्टार्टअप्स को गज़ब का समर्थन मिल रहा है. इस वर्ष बजट में हेल्थकेयर सेक्टर पर अधिक फोकस किया जाना चाहिए, ताकि राज्य के हर एक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके.”
Dr Earth Packing Solutions के फाउंडर मोहक व्यास कहते हैं, “प्लास्टिक पर निर्भरता को कम करने की दिशा में सरकार को प्रयास करना चाहिए. ग्रीन प्रोडक्ट्स को बढ़ावा मिलना चाहिए. इस सेक्टर में काम कर रहे स्टार्टअप्स को समर्थन की जरुरत है.”
रियल एस्टेट सेक्टर में काम करने वाले विक्रम आर्य बताते हैं, “राज्य में सड़कों और हाइवे की स्थिति अच्छी है. स्टार्टअप्स अब गुरुग्राम से जयपुर शिफ्ट हो रहे हैं, क्योंकि यहां भी टैलेंट अच्छा है. बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने वेयरहाउस यहां खोल रही है. राज्य में पर्यटन भी अच्छा है. यहां हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तगड़ी ग्रोथ पर है. ऐसे में सरकार को इन क्षेत्रों पर फोकस करते हुए बजट में अधिक आंवटन करना चाहिए. यहां कारोबार करने में आसानी हो सके, इसके लिए नीतियां और योजनाएं बनाई जानी चाहिए.”
म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस सेक्टर में काम करने वाले विजय गौतम बताते हैं, “भारत दुनिया भर में अपनी IT सर्विसेज के लिए जाना जाता है. राज्य सरकार को IT सर्विस सेक्टर पर फोकस करना चाहिए. सरकार को स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स (SEZs) बनाने चाहिए, ताकि Microsoft और Amazon जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियां यहां आ सके. इससे राज्य में रोजगार तो बढ़ेगा ही, इसकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा.”

IntelliNexus के पार्टनर मानवेंद्र प्रसाद कहते हैं, “राज्य सरकार को इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोड, रेल, एयर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए शहरी सुशासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.”
नक्षत्र सैन, बिजनेसमैन, राज्य बजट 2025-26 के लिए अपने सुझाव बताते हुए, कहते हैं, “नई कंपनियां सरकारी टेंडर हासिल कर सके, इसके लिए बजट में कुछ प्रावधान किए जाने चाहिए. राज्य में ऑन्त्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने पर फोकस करना चाहिए.”
नीरज खंडेलवाल, फाउंडर, Earthlink Properties, बताते हैं, “राजस्थान सरकार को बजट में पर्यटन और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए. सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोड कनेक्टिविटी के लिए जो काम बीते वर्षों में किए, वो सराहनीय है.”
अनिल कुमार निमरोत, शिक्षा विभाग में कार्यरत, बताते हैं, “शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. राज्य सरकार को इन क्षेत्रों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए. बजट में इन क्षेत्रों को अधिक फंड्स दिए जाने चाहिए. राज्य सरकार को चिकित्सा के क्षेत्र में मुफ्त इलाज का प्रावधान करना चाहिए.”
पत्रकार अरविंद चोटिया बताते हैं, “राज्य में होने वाली भर्तियों के लिए पेपर लीक को रोकने की दिशा में सरकार ने अच्छा काम किया है. इसे और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए. ‘एंटी पेपर लीक टास्क फोर्स’ का गठन किया जाना चाहिए. राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए सरकार को अधिक प्रयास करना चाहिए. राज्य के लोगों में ऑन्त्रप्रेन्योरशिप की भावना है, इसे और अधिक बढ़ावा देने के लिए, अधिक से अधिक बिजनेसेज और कंपनियों को लुभाने के लिए राइजिंग राजस्थान जैसी और पहलें करनी चाहिए.”
राजेश जोशी, ऑन्त्रप्रेन्योर, बताते हैं, “सरकार को सस्टेनेबिलिटी और क्लाइमेट टेक सेक्टर में काम करने वाले स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को बढ़ावा देने के प्रयास करने चाहिए.”
लेखक, कृषिविशेषज्ञ और वन्यजीव विशेषज्ञ शिवराज पाल सिंह बताते हैं, “राज्य में आवारा पशुओं की वजह से किसानों को सीजन में 20-30% फसल का नुकसान होता है. इसमें सुधार करने के लिए किसानों को फैंसिंग के कलस्टर राज्य सरकार द्वारा दिए जाने चाहिए. आवारा पशुओं के लिए गांवों में अधिक गौशालाएं खोली जानी चाहिए. इसके लिए खास बिल पास किया जाना चाहिए. ऐसा होने से किसानों के लिए फसल उत्पादन में 20% का इजाफा होगा और उनकी आमदनी बेहतर हो पाएगी.”
Zefmo के को-फाउंडर और सीईओ शुदीप मजूमदार बताते हैं, “राज्य में पर्यटन के अवसरों की भरमार है. यहां तगड़ा टैलेंट है. राज्य सरकार को और अधिक इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने चाहिए. स्टार्टअप्स को फंडिंग सपोर्ट दिया जाना चाहिए. iStart प्रोग्राम एक सराहनीय पहल है.”
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनीत शर्मा बताते हैं, “राज्य में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने की जरुरत है. सरकार को स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ शिक्षा के स्तर में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए नीतियां बनाई जानी चाहिए.”
मुकुंद मारोधिया, कंसल्टेंट, Accenture, बताते हैं, “शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में सरकार के प्रयास सराहनीय है. पिछले बजट में सरकार ने मेडिकल एजुकेशन के लिए अधिक बजट का आवंटन किया था. हर एक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी. ये वाकई सराहनीय है. बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए और अधिक फंड्स दिए जाने चाहिए. युवाओं में अपस्किलिंग के लिए अधिक से अधिक टेक्नीकल इंस्टीट्यूट्स खोले जाने चाहिए. क्लाइमेट चेंज और सस्टेनेबिलिटी की दिशा मेंं और अधिक प्रयास राज्य सरकार द्वारा किए जाने चाहिए. EVs के लिए अधिक सब्सिडी दी जानी चाहिए. इसके लिए खास नीतियां बनाई जानी चाहिए. One District-One Product (ODOP) जोकि केंद्र सरकार की योजना है, राजस्थान सरकार ने भी इसे अपनाया है और इसे बढ़ावा देने के सराहनीय प्रयास किए हैं. राज्य के हैंडीक्राफ्ट्स, आर्ट प्रोडक्ट्स दुनिया भर में मशहूर हैं. इससे राज्य के कारीगरों की आजीविका में सुधार हो रहा है.”
शाश्वत गुप्ता, बिजनेसमैन, बताते हैं, “राज्य में सड़कों को और अधिक बेहतर बनाया जाना चाहिए. शहरों में पार्किंग की समस्या बढ़ती जा रही है. बजट में इसके समाधान वाली नीतियां बनाई जानी चाहिए. राज्य में ईज़ ऑफ डूंइग बिजनेस को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.”
Deutsche Bank के डायरेक्टर पंकज ओझा बताते हैं, “राज्य में सेंटर फॉर एक्सीलैंस इन AI, ML पर अधिक निवेश किया जाना चाहिए. स्टार्टअप्स के लिए बजट में अधिक फंड्स का आंवटन होना चाहिए. दूसरे राज्यों के स्टार्टअप्स अपने ऑफिस और हेडक्वार्टर राजस्थान में खोलें, इसके प्रयास राज्य सरकार द्वारा किए जाने चाहिए. इससे राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा.”
राजस्थान सरकार द्वारा बजट पूर्व परामर्श प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि सरकार समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर है. स्टार्टअप फाउंडर, उद्यमी, और कारोबारी आशान्वित हैं कि उनकी अपेक्षाएँ बजट में सम्मिलित होंगी, जिससे राजस्थान का आर्थिक परिदृश्य और मजबूत होगा.