UPSC 2019: दो साल तक रहीं सोशल मीडिया से दूर, हासिल की 14वीं रैंक

अंकिता चौधरी को गुलदस्ता भेंट करतीं स्कूल प्रिंसिपल
दुनिया की सबसे कठिनतम परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा का परिणाम आ गया है। इस बार कई युवाओं ने अपना परचम लहराया। ऐसे ही कुछ होनहारों से हम आपको मिलवा रहे हैं। पिछले साल सिविल सर्विस एग्जाम में हरियाणा की अनु कुमारी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इस बार हरियाणा के रोहतक की रहने वाली अंकिता चौधरी ने 14वीं रैंक हासिल कर देश की तमाम लड़कियों के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल कायम की है।
अंकिता ने रोहतक के ही इंडस पब्लिक स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद ग्रैजुएशन के लिए वे दिल्ली आ गईं और यहां उन्होंने डीयू के हिंदू कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से एमएससी भी किया। अंकिता के पिता सत्यवान रोहतक की चीनी मिल में अकाउंटेंट के पद पर तैनात हैं। वहीं उनकी मां का चार साल पहले एक सड़क हादसे में देहांत हो गया था।
अंकिता ने एक बार पहले भी इस परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाईं। यह उनका दूसरा प्रयास था। वे बताती हैं, 'मैं दो साल तक सोशल मीडिया से दूर रही क्योंकि मैं किसी तरह का भटकाव नहीं चाहती थी।' अपनी बेटी की सफलता पर गर्व करते हुए सत्यवान कहते हैं, 'अंकिता हमेशा से पढ़ने में तेज थी। वह खेल-कूद जैसी एक्टिविटी में भी आगे रहती थी। उसने मुझे और पूरे परिवार को गर्व से भर दिया है।'

अंकित चौधरी अपने स्कूल में
अंकिता कहती हैं, 'आईएएस बनने का सपना जरूर देखा था, लेकिन सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी ये सपना पूरा कर पाऊंगी। मेरा परिवार मेरे साथ रहा है। उन्होंने मुझे हमेशा बराबरी का दर्जा दिया। मैं मानती हूं कि किसी को भी लड़की और लड़के में भेद नहीं करना चाहिए।' अंकिता शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं इसलिए उन्हें 12वीं के बाद इंस्पायर स्कॉलरशिप मिली थी जिसकी वजह से पढ़ाई में कभी किसी तरह की आर्थिक दिक्कतें नहीं हुईं।
वे कहती हैं कि सर्विस में कुछ ऐसा करना चाहती हूं जिससे कि लोग मुझे याद रखें। यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं को संदेश देते हुए अंकिता कहती हैं कि कठिन परिश्रम निरंतरता के साथ करते रहें। जब तक अपना लक्ष्य न हासिल कर लें उसके लिए प्रयास करते रहें।
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